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आधुनिक शिक्षा

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पढै लिखै के ऐसी तैसी, छोलो घास चराओ भैसी।

यह कहावत मशहूर है।,

मै आपकी बात से पूर्ण रूपेण सहमत नही हूं मेहनत का परिणाम तो मिलता, आज तो कोई इधर उधर करके फर्स्‍ट क्‍लास पास हो जाता है किन्‍तु आगे वही बेरोजगारो की सूची मे आता है। मेहनत करने वाले तो सदाबहार रहते है। :)

पहला बच्चा-
इतना पढ़ लिख कर भी बेचारा
मेहनत मजदूरी ही करता रह जाता है

दूसरा बच्चा-
जब भी बोर्ड का एग्जाम आता है
शायद ही 'पास' अपना परिणाम पाता है

बात तो खरी कही है.

स्थिती विशेष पर अच्छा कटाक्ष है, बधाई.

प्रमेन्द्र जी सही कहते है।
मेहनत करने वाले कम में (अभावों में) ही सही पर खुश तो रहते हैं पर तथाकथित पढ़े लिखे ................

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मेरा परिचय

  • नाम : गिरिराज जोशी
  • ठिकाना : नागौर, राजस्थान, India
  • एक खण्डहर जो अब साहित्यिक ईंटो से पूर्ननिर्मित हो रहा है...
मेरी प्रोफाईल

पूर्व संकलन

'कवि अकेला' समुह

'हिन्दी-कविता' समुह

धन्यवाद

यह चिट्ठा गिरिराज जोशी "कविराज" द्वारा तैयार किया गया है। ब्लोगर डोट कोम का धन्यवाद जिसकी सहायता से यह संभव हो पाया।
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