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पहले दो शेर प्रसंशनिय हैं.
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संजय बेंगाणी |
11/03/2006 03:12:00 pm
आपने तो आते ही ५ शेर मार लिए
अच्छे शेर हैं पर त्रिवेणी कब निकलेगी।
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bhuvnesh sharma |
11/03/2006 03:22:00 pm
त्रिवेणी की मांग मैं भी करता हूं, कविराज!
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बेनामी |
11/03/2006 03:42:00 pm
कोई बात नही गिरिराज भाई अकसर तकनीकी हालात सबके साथ पेश आते हैं।
मुझे तो सभी शेर पसंद आए (ये मज़ाक नही)
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Shuaib |
11/03/2006 05:52:00 pm
पत्थर से आदमी के ये रिश्ते अजीब हैं
ठोकर किसी ने मारी , कोई जल चढ़ा गया
- पà¥à¤°à¥à¤·à¤
राकेश खंडेलवाल |
11/03/2006 06:59:00 pm
क्या अर्ज किया है। वाह
- पà¥à¤°à¥à¤·à¤
बेनामी |
11/03/2006 08:05:00 pm