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कविराज ये क्या कॉपी पेस्ट का धंधा शुरू कर दिये
कुछ मौलिक और फ़्रेश लाईये वैसे अब त्रिवेणी क्या है ये तो समझ में आ गया होगा समीरलाल जी के ब्लॉग को पढ़कर
जल्दी से आप भी कुछ लिख डालिए
- पà¥à¤°à¥à¤·à¤
bhuvnesh sharma |
11/10/2006 01:03:00 am
मजा नहीं आया कविराज।
यह तो ऐसा लग रहा है मानो पाब्लो पिकासो सड़क के किनारे बैठ कर छत्री पर नाम लिखने का व्यवसाय कर रहा हो।
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बेनामी |
11/10/2006 06:27:00 pm