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शत-शत नमन!

मृत्यु द्वार तक पंहूच चूके अपने आप मे असहाय आंतरिक आंधि के हिलोरो से टकराकर चकनाचूर हो रहे मेरे विचारो को आपने अपने अन्दर समेटकर मुझे एंव मेरे विचारो को जीवनदान दिया है अत: हे लेखनी और घास-फूस के पूर्नउत्थान से बने उसके हमसफ़र कागज़ आप दोनो को "कविराज" का शत-शत नमन !

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मेरा परिचय

  • नाम : गिरिराज जोशी
  • ठिकाना : नागौर, राजस्थान, India
  • एक खण्डहर जो अब साहित्यिक ईंटो से पूर्ननिर्मित हो रहा है...
मेरी प्रोफाईल

पूर्व रचनाऎं

पूर्व संकलन

'कवि अकेला' समुह

'हिन्दी-कविता' समुह

धन्यवाद

यह चिट्ठा गिरिराज जोशी "कविराज" द्वारा तैयार किया गया है। ब्लोगर डोट कोम का धन्यवाद जिसकी सहायता से यह संभव हो पाया।
प्रसिद्धी सूचकांक :